योगदानकर्ता

9 जुलाई 2015

बगुला भगत


'प्रभा! ओ प्रभा ! “आज बेटी बचाओ अभियान में भाषण देना हैं ।तुम जानती हो न! मेरी हिंदी कितनी कमजोर हैं ।मेरे आने तक जरा एक प्रभाव शाली स्पीच लिख कर रख देना। " कहते हुए चौधरी ज़बर सिंह ने मूंछो को ताव दिया और बोलेरो की चाबी उठा बाहर चल दिए ।चौधरी साहब को शहर के बेटी बचाओ अभियान का सर्वेसर्वा बना दिया गया था । सो मूंछे खुन्डिया करना तो बनता था उनका ।सारे काम निबटा कर, कागज उठाकर, प्रभा ने स्पीच लिखनी शुरू की। थोड़ी देर में ,चारो तरफ मुचड़े कागज के ढेर लगने लगे । हर लफ्ज़ से सिसकिया सुनाई दे रही थी उसकी तीन एबॉर्शन में कत्ल करायी गयी बेटियों की |
नीलिमा शर्मा निविया
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